आजादी की लड़ाई में बरेली जेल मे रहे थे नेहरु


बरेली। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। पंडित नेहरू का आजादी की लड़ाई में अहम योगदान था और वो स्वतंत्रता संग्राम के समय वो जेल भी गए। आजादी की लड़ाई के दौरान उन्हें बरेली की सेंट्रल जेल में भी कैद किया गया और वो यहाँ पर दो माह 10 दिन तक कैद रहें। नेहरू जी सेंट्रल जेल की जिस बैरक में कैद थे बाद में उसका नाम पंडित जवाहर लाल नेहरू की स्मृति में नेहरू बैरक कर दिया गया। कैदी नंबर 582 बने नेहरू । आजादी की लड़ाई के दौरान नेहरू पर डिफेन्स ऑफ इण्डिया रेगुलेशन एक्ट 1915 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। पंडित जवाहर लाल नेहरू को 31 मार्च 1945 को अहमदनगर फोर्ट जेल से सेंट्रल जेल बरेली में शिफ्ट किया गया था जिसके बाद उन्हें 10 जून को जिला जेल अल्मोड़ा में शिफ्ट कर दिया गया था। जेल के दस्तावेजों के अनुसार पंडित जवाहर लाल नेहरू का नाम कैदी नंबर 582 के रूप में दर्ज है। आजादी के बाद नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बने और सेंट्रल जेल की जिस बैरक में नेहरू बंद थे उसे नेहरू बैरक का नाम दिया गया। बैरक के जितने हिस्से में नेहरू बंद थे  उतने हिस्से में आज तक किसी दूसरे कैदी को नहीं रखा गया है। बैरक के बाकी हिस्से में कैदी बंद किए जाते है। नेहरू बैरक करती है प्रेरित ।आजादी की लड़ाई के दौरान बरेली की सेंट्रल जेल में चाचा नेहरू के साथ ही 592 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को कैद किया गया था।नेहरू के साथ जेल में आचार्य नरेंद्र देव को भी कैद किया गया था उनका नाम कैदी नंबर 583 के रूप में दर्ज है। आज इस जेल में ज्यादातर उम्र कैद की सजा काट रहे कैदियों को बंद किया गया है। जेल में बंद कैदियों को अच्छा आचरण सिखाने के लिए जेल प्रशासन नेहरू बैरक के संस्मरण दिखाकर उन्हें प्रेरित करता है।