जो आपको आन्दोलनजीवी कहते हैं, उनको न्याय करने के लिये मजबूर करिये: प्रियंका


वाराणसी। वाराणसी में आयोजित किसान न्याय रैली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। दुर्गा मंत्रों के साथ भाषण की शुरुआत करते हुए प्रियंका ने लखीमपुर घटना, कृषि कानून, महंगाई समेत कई अन्य मदों पर मोदी-योगी की सरकार पर कई आरोप लगाए। 
भाषण की शुरुआत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि दिल की बात करने आई हूं। प्रियंका ने कहा कि बीते वर्षों में जो देखा उसका जिक्र कर रही हूं। सोनभद्र में नरसंहार हुआ जिसमें 13 लोगों को मारा गया। जब मैं मिलने गयी तो बहुत कष्ट हुआ। लोग मुझसे बोले मुझे रुपये नहीं न्याय चाहिए। उसके बाद मैं उन्नाव में गयी वहां भी इसी तरह का घटना हुई।

उस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक और भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे। लखीमपुर में भी ऐसा ही हुआ। देश के गृह राज्यमंत्री के बेटे ने अपनी गाड़ी के नीचे छह किसानों को कुचल दिया। सरकार उस मंत्री का बचाव कर रही है, जिसके बेटे ने ऐसा काम किया। प्रधानमंत्री लखनऊ आए लेकिन दो घंटे की दूरी पर लखीमपुर नहीं जा सकते थे। उन किसानों के आंसू पोंछने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री नहीं गए। मुझे वहां जाने से रोका गया।  प्रियंका ने तंज कसा कि यूपी पुलिस ने अपराधी को निमंत्रण भेजा बात करने के लिए क्या किसी देश में ऐसा देखा है कि किसी अपराधी को पुलिस निमंत्रण दे। प्रियंका ने कहा कि गृह राज्यमंत्री का इस्तीफा होना चाहिए।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सौ रुपए का पेट्रोल, 90 रुपए डीजल, एक हजार का सिलेंडर मिल रहा है। बेरोजगारी चरम पर है।  जनता दुखी और त्रस्त है। आप इन परेशानियों से गुजर रहे हैं संघर्ष कर रहे हैं वहीं पीएम के खरबपति मित्र रोजाना हजारों करोड़ कमा रहे हैं। कोरोना काल में रोजगार बंद हुआ लेकिन सरकार ने राहत नहीं दी।  

देश के हवाई अड्डे, रेलवे अपने मित्रों को सौंप दिए। पीएम ने अपने लिए दो हवाई जहाज खरीदे।  एक हवाई जहाज आठ हजार करोड़ का और अपने दोस्त को फायदा पहुंचाने के लिए देश की एयर इंडिया को 18 हजार करोड़ में बेच दिया।
प्रियंका ने कहा कि अपने अंतर्मन में झांकिए। खुद से एक सवाल पूछिए क्या इन सात सालों में आपके जीवन में तरक्की आई, विकास आपके दरवाजे पर आया। अगर सवालों का जवाब नहीं है तो आइए मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकार को बदलिए। जो आपको आतंकवादी कहते हैं उनको न्याय देने के लिए मजबूर कीजिए। समय आ गया है  ये देश आपका देश है। इस देश को कौन बचाएगा। आप किसान हो, इस देश की आत्मा हो। जो आपको आंदोलनजीवी कहते हैं उनको न्याय के लिए विवश कीजिए।